Thursday, December 18, 2014

ख़ास खबरों पर एक नज़र

18-दिसंबर-2014 18:07 IST
भारत में अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान जीएसएलवी एमके-lll की प्रथम प्रायोगिक उड़ान सफल रही 

Courtesy:Ministry of Information & Broadcasting//YouTube//PIB
भारत में अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान जीएसएलवी एमके-lll की प्रथम प्रायोगिक उड़ान (जीएसएलवी एमके-lll एक्‍स/केयर) का सफल संचालन आज सुबह श्रीहरिकोटा स्‍थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर से किया गया। एलवीएम3-एक्‍स/केयर के नाम से भी प्रचलित इस उप कक्षीय प्रायोगिक मिशन का उद्देश्‍य उसकी उड़ान के महत्‍वपूर्ण वायुमंडलीय चरण के दौरान यान के प्रदर्शन को आंकना था। 

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय समयानुसार प्रात: 9:30 बजे दूसरे लांच पैड से जीएसएलवी एमके-lll की लांचिंग के साथ इस मिशन का शुभारंभ हुआ और इसके तकरीबन साढ़े पांच मिनट बाद यह अपने पेलोड को 126 किलोमीटर की लक्षित ऊंचाई पर ले गया। यह पेलोड दरअसल 3775 किलोग्राम के वजन वाला क्रू मॉड्यूल वायुमंडलीय पुनर्प्रवेश प्रयोग (केयर) है। केयर इसके बाद जीएसएलवी एमके-lll के ऊपरी चरण से अलग हो गया तथा वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर गया और फिर तकरीबन 20 मिनट 43 सेकेंड के बाद अपने पैराशूटों की मदद से बंगाल की खाड़ी के ऊपर सुरक्षित ढंग से स्‍थापित हो गया। 

यान के प्रक्षेपण के वक्‍त दो विशाल एस-200 ठोस पट्टायुक्‍त बूस्‍टर प्रज्‍वलित हुए और सामान्‍य ढंग से कार्यरत होने के 153.5 सेकेंड के बाद अलग हो गए। हर पट्टायुक्‍त बूस्‍टर के साथ 207 टन का ठोस प्रणोदक जुड़ा हुआ था। प्रक्षेपण के 120 सेकेंड के बाद एल110 तरल चरण प्रज्‍वलित हुआ। वहीं, दोनों एस200 उस समय भी कार्यरत थे तथा वे अगले 204.6 सेकेंड तक आगे बढ़ते रहे। प्रक्षेपण के 330.8 सेकेंड के बाद जीएसएलवी एमके-lll के सी25 क्रायोजेनिक ऊपरी चरण से केयर अलग हो गया और उसने वायुमंडल में फिर से प्रवेश के लिए अपने निर्देशित अवतरण की बाकायदा शुरुआत कर दी। 

फिर से प्रवेश का चरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद केयर मॉड्यूल के पैराशूट खुल गए। इसके बाद यह श्रीहरिकोटा से तकरीबन 1600 किलोमीटर दूर अंडमान सागर के ऊपर आहिस्‍ता-आहिस्‍ता स्‍थापित हो गया। इसके साथ ही जीएसएलवी एमके-lll एक्‍स/केयर मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। 

आज जीएसएलवी एमके-lll एक्‍स/केयर मिशन को सफलता मिलने के साथ ही यह यान अब कार्यरत सी25 क्रायोजेनिक ऊपरी चरण के साथ अपनी प्रथम विकास उड़ान के और करीब पहुंच गया है। 
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वि.कासोटिया/एएम/आरआरएस/एसकेपी –7813

Wednesday, December 17, 2014

बड़ी देर भई नंदलाला--तेरी रह तके ब्रिजबाला

अपने ज़माने का  भजन  जो बच्चे बच्चे की ज़ुबान पर था 
बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके ब्रिजबाला -2
ग्वाल बाल इक इक से पूछें-कहा है मुरली वाला रे.
बड़ी देर भई नंदलाला,

कोई ना जाए कुंजा गली मे, तुझ बिन कलिया चुनने को,
तरस रहे है जमुना के तट, धुन मुरली की सुनने को,
अब तो दरस दिखादे मोहन, क्यों दुविधा मे डाला रे.
बड़ी देर भई नंदलाला,

संकट मे है आज वो धरती, जिस पर तूने जन्म लिया,
पूरा कर दे आज वचन वह, जो गीता मे तूने दिया,
तुम बिन कोई नही है मोहन, भारत का रखवाला रे.
बड़ी देर भई नंदलाला.

बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके ब्रिजबाला -2
ग्वाल बाल इक इक से पूछें कहा है मुरली वाला रे.
बड़ी देर भई नंदलाला,

ख़ास खबरों पर एक नज़र

 16-दिसंबर-2014 19:54 IST
राष्‍ट्रपति ने की पेशावर के आर्मी पब्लिक स्‍कूल में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा
Courtesy: Ministry of Information & Broadcasting//YouTube
हमले में मारे गए स्‍कूल के मासूम बच्‍चों और अध्‍यापकों के लिए किया गहरे दु:ख का इज़हार
राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने पेशावर के आर्मी पब्लिक स्‍कूल में आज हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इस हमले में मारे गए स्‍कूल के मासूम बच्‍चों और अध्‍यापकों के लिए प्रति गहरा दु:ख व्‍यक्‍त किया है। 

राष्‍ट्रपति ने कहा ऐसी जघन्‍य कार्रवाई मानवता के सभी सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्‍होंने कहा कि यह आतंकवादियों की दुर्दांत प्रवृति को ही दर्शाता है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि वैश्विक समुदाय को एक हो जाना चाहिए और प्रत्‍येक देश और समाज से आतंक को जड़ से उखाड़ फैंकने के लिए अपने प्रयासों को दुगना कर देना चाहिए। 

राष्‍ट्रपति ने मृतकों के शोक संतप्‍त परिवारों के प्रति भी अपनी संवेदनायें जताते हुए घायलों के शीघ्र स्‍वस्‍थ होने की कामना की। 
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विजयलक्ष्‍मी कासोटिया/एएम/एसएस/एसके–7725

Saturday, December 13, 2014

It was a wedding festival at Park Plaza

Gold plated iphone and wrist watches allured Ludhianvies

Ludhiana: December 13 2014: (Rector Kathuria/Punjab Screen)  
Day started with rain but failed to curb tho mob going to Park Plaza. Peoples were rushing to see and participate in wedding expo.  Two-day premium wedding and lifestyle exhibition ‘Cocktail’ is being considered as a big opportunity to collect the all required under one roof. All items were available and attractive.
After stealing the hearts of many in Chandigarh, Zaira Diamond is all set to allure Ludhianavis with its enticing range of gold plated and diamond studded iPhone 6. The entire range of gold plated and diamond studded iphones is being showcased at the two-day premium wedding and lifestyle exhibition ‘Cocktail’ which kicked-off today at hotel Park Plaza today. The well-known industrialist BC Nagpal of Ludhiana and Punjabi film Actor, Hektor Sandhu inaugurated the expo. They also reached at the stall of the most trusted brand in Jewellery, Zaira Diamond which presented the entire range of iphones.
According to Manoj Jain, Director, Zaira Diamond, “Ludhiana is known for its entrepreneurial spirit and people of this city crave for luxurious gadgets. To satiate this demand, we have brought special gold plated and diamond studded iphones here. The cost of these phones will vary between Rs 1.5 Lakh to 4 Lakh. Also, the price of the phone will depend on the quality and quantity of the diamonds studded on it”
These phones are going to be a sure shot catch for the buyers as they make for a unique, ‘expensive’ and nothing less than an investment object. The exhibition promises to bring luxury and lifestyle items under one roof. Zaira will also showcase exclusive range of diamond studded Swiss watches of worth Rs 2 lakh to 10 Lakh are some of the unique features of this two-day exhibition. 
The entire Zaira Jewellery comes with an IGI mark and has Hallmark certification, which makes it the most-trusted brand. The brand has come a long way since its beginnings in 2010 with establishing Zaira’s first exclusive outlet in Chandigarh. Currently, the company is running thirteen stores across India and has a plan to take the tally to 40 stores by the end of 2015.
The exhibition has the best of luxury and lifestyle items including, a good variety of wedding stuff on display. The other items from Zaira brand that you can look out for at the exhibition are, Italian- designed rings and bands for men and women, ring- cum- pendants, pendant cum necklace and cocktail rings to name a few. The exhibition boats to be a grand affair that will leave you with dazzling choices to pick from.

Kailash Satyarthi receives Nobel Peace Prize



Courtesy:Ministry of Information & Broadcasting //YouTube

Friday, December 12, 2014

Kaula Tantra & Vajrayana Tantra

(Red Tara Kurukulla Peeth Himalaya)



Courtesy: Kaulantak Peeth//YouTube

Media Statement

Special report during the Official Visit of the President of Russian Federation ...



Courtesy:Ministry of Information & Broadcastin//YouTube

Golden songs--जागो मोहन प्यारे--by Lata Ji

फिल्म जागते रहो का एक यादगारी गीत 

Courtesy:Hari Narayanan//YouTube
फिल्म जागते रहो वर्ष 1956 में आई थी। एक रात की कहानी में इस फिल्म ने देश और समाज में पनप रहे जुर्मों की एक झलक बहुत ही सफलता से दिखाई थी। यह बात 1956 की है और फिल्म को बनने में भी कुछ समय लगा होगा। इस बात से स्पष्ट है कि आज़ादी के बाद शीघ्र ही सफेदपोश लोगों को मनमानी करने और जुर्म का साम्राज्य स्थापित करने की छूट मिल गयी थी। फिल्म आने के बाद भी न समाज जागा और न ही देश। न लोग जागे और न ही सरकारें। आज जो भ्र्ष्टाचार और जुर्म नज़र आ रहा है वह बहुत पहले मज़बूत होना शुरू हो  गया था।  यह फिल्म इस बात का एक स्पष्ट सबूत है। 
इस फिल्म का सच आज भी पूरा सच है। इस के गीत आज भी दिल को छूते हैं। इसका कारण है कि राज साहिब ने इसके हर पहलू की तरफ पूरा ध्यान दिया और दिल से काम किया। जब संगीतकार के चुनाव की बात आई तो राज कपूर साहिब ने इस फिल्म का संगीतकार सलिल चौधरी को चुना। उनका चुनाव स्वयं राज कपूर ने ही किया था। गौरतलब है कि उस समय तक शंकर-जयकिशन उनकी फिल्मों के स्थायी संगीतकार के तौर पर स्थापित हो चुके थे। इसके बावजूद सलील साहिब का चुनाव एक क्रांति थी। 
मै कोई झुठ बोलिया-मैं कोई कुफ्र तोलिया ?
वास्तव में फिल्म ‘जागते रहो’ बांग्ला फिल्म ‘एक दिन रात्रे’ का हिन्दी संस्करण थी और बांग्ला संस्करण के संगीतकार सलिल चौधरी को ही हिन्दी संस्करण के संगीत निर्देशन का दायित्व दिया गया था सभी जानते हैं कि साहित्य और संगीत पर बांग्ला कल्चर हमेशां ही आगे रहा है। राज साहिब की अपेक्षा पर खरा उतरते हुए सलिल चौधरी ने इस फिल्म के गीतों में पर्याप्त विविधता भी रखी। परिणाम  यादगारी। इस फिल्म में उन्होने एक गीत ‘जागो मोहन प्यारे, जागो...’ की संगीत रचना ‘भैरव’ राग के स्वरों पर आधारित की थी।  इस के बोल इसकी धुन आज भी सीधा आत्मा को झंकृत करते हैं। शैलेन्द्र के लिखे इस गीत के बोल जब लता मंगेशकर के स्वरों में ढले, तब यह गीत हिन्दी फिल्म संगीत का यादगारी गीत बन गया।  ऐतिहासिक फिल्म का संदेश आज भी प्रसंगिक है। गीत जागो मोहन प्यारे आज भी ताज़ा है बिलकुल सुबह की तरह। फिल्म में पंजाबी तड़का भी है जिसकी चर्चा की जाएगी किसी अलग पोस्ट में। --रेक्टर कथूरिया 
जागो

जागो जागो
जब उजियारा छाये


मन क अन्धेरा जाये 
किरनों की रानी गाये 
जागो हे, मेरे मन मोहन प्यारे 

जागी रे जागी रे जग कलियां जागी 

जागी रे जागी रे जागी रे 
जागी रे जागी रे जग जग 

जागो मोहन प्यारे जागो

नव युग चूमे नैं तिहारे 
जागो, जागो मोहन प्यारे 

जागी जागी रे जग कलियान जागी
जागी रे जागी रे जागी रे 
जागी रे जागी रे जग जग 

भीगी भीगी अँखियों से मुसकाये 
 ये नैइ भोर तोहे अंग लगाये 
बाहें फैला ओ दुखियारे 
जागो मोहन प्यारे ... 

जिसने मन का दीप जलाया 
दुनिया को उसने ही उजला पाया 
मत रहना अँखियों के सहारे 
जागो मोहन प्यारे ... 

किरन परी गगरी छलकाये 
 ज्योत का प्यासा प्यास बुझाये
फूल बने मन के अंगारे 
जागो मोहन प्यारे ...


Tuesday, December 9, 2014

Documentary : क्या ताजमहल वास्तव में एक शिव मंदिर मंदिर है?

ताज के निर्माण का बारीकी से जायज़ा लेती दिलचस्प डाक्यूमेंट्री 

पप्पा जल्दी आ जाना- हिंदी फिल्म TAQDEER (1967) का यादगारी गीत

कोंकणी फिल्म निर्मोह का रीमेक थी तक़दीर 
 Courtesy:TheDreammarchant//YouTube
कोकणी फिल्म निर्मोह 1966 में आई थी। निर्मोन का शाब्दिक अर्थ भी किस्मत ही होता है। उसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ही वर्ष बाद 1967 में इसका हिंदी रीमेक तैयार हो गया तक़दीर के नाम से। यूं तो तक़दीर के सभी गीत हिट हुए थे लेकिन इस  गीत ने अपना अलग स्थान बनाया। घर की मजबूरियां और रोज़ी रोटी का चक्र कैसे घर के अपनों को अपनों से ही दूर विदेश में भेज देता है इसकी एक झलक इस गीत में खूबसूरती से दर्शायी गयी है। गीत को लिखा था आनंद बख्शी साहिब ने और संगीत था लक्ष्मी कांत प्यारेलाल ने। इस गीत को आवाज़ दी थी लतामंगेश्कर और सुलक्षणा पंडित ने। निर्माता तारा चंद बरजात्या की इस यादगारी फिल्म में भारतभूषण, फ़रीदा जलाल, शालिनी, काजल, कमल कपूर, जानी वाकर, सुभाष घई, सुशील और जलाल आगा भी थे। यह फिल्म 1967 में आई थी और अब 2015 आने को है लेकिन तक़दीर के खेल आज भी जारी हैं। आज भी बहुत से लोग घर परिवार छोड़ कर विदेश में जाते हैं और कभी कभी वे वापिस भी नहीं आते केवल उनकी खबर आती है। इन मजबूरियों से ही निकला था गीत--चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आई है---इसकी चर्चा हम किसी अगली पोस्ट में करेंगे। 

इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती दिल्ली में पूनम की कलम का रंग

बहुमुखी प्रतिभा को अपनी निरंतर मेहनत से विकसित वाली पूनम 

पूनम की डांस कला को आप देख सकते हैं यहाँ क्लिक करके 

साहित्य, संगीत, शायरी, डांस-सभी कलाएं एक साथ-पूनम माटिया में

आगे भी जाने न तू -Waqt (1965)

यह पल गंवाना न यह पल ही तेरा है 


Courtesy:Rohit Aggarwal//YouTube

Origin of Taxation System in India

Explained by Rajiv Dixit-टैक्स लगाने की कहानी-क्या यह सत्य है?

Courtesy: Rajiv Dixit//YouTube

Monday, December 8, 2014

Russian Revolution in Color (Documentary).avi



Courtesy: CodFatherCali//YouTube

ओशो: फ़क़ीर का कपड़ा (Fakir ka kapda)

Funny Story by OSHO (Hindi) :

Courtesy: Ganesh Agrawal//YouTube  

Funny Story by ओशो-OSHO (Hindi) :मक्खी-Makkhi


Courtesy:Ganesh Agrawal//YouTube 

कैसे बनते हैं रेल का बोझ उठाने वाले प्लास्टिक के रेलवे स्लीपर

प्लास्टिक के घरेलू कूड़े से सम्भव होता है यह करिश्मा 

Courtesy:Knowledge Hindi//YouTube 
Published on Nov 7, 2014 
How To Make Plastic Railway Sleepers - Hindi
Factory Made - How To Make Plastic Railway Sleepers - Hindi

A railroad tie/railway tie/crosstie (North America), or railway sleeper (Europe, Australia & Asia) is a rectangular support for the rails in railroad tracks. Generally laid perpendicular to the rails, ties transfer loads to the track ballast and subgrade, hold the rails upright, and keep them spaced to the correct gauge.

Railroad ties were traditionally made of wood, but pre-stressed concrete is now widely used, especially in Europe and Asia. Steel ties are common on secondary lines in the UK; plastic composite ties are also employed, although far less than wood or concrete. As of January 2008, the approximate market share in North America for traditional and wood ties was 91.5%, the remainder being concrete, steel, azobé (red ironwood) and plastic composite.

Coarse aggregate is the standard material for track ballast, which provides drainage and resilience. On lines with lower speeds and axle-weights, sand, gravel, and even coal ash from the fires of steam locomotives have been used.

Up to 3000 ties are used per mile of railroad track in the US, 2640 per mile (30 per 60 ft rail) on main lines in the UK. Rails in the US may be fastened to the tie by a railroad spike; iron/steel baseplates screwed to the tie and secured to the rail by a proprietary fastening system such as a Vossloh or Pandrol are commonly used in Europe.

समुन्द्र पर रेल गाड़ी--है न कमाल--Train over the Sea !

रमेश्वरम एक्सप्रेस Pamban Bridge से गुज़रती है समुन्द्र के ऊपर  

Courtesy: TheRailzone//YouTube 

अब तक की ख़ास ख़बरों पर एक नज़र



Courtesy:Ministry of Information & Broadcasting//YouTube


Sunday, December 7, 2014

ओशो कहते खरी खरी अब मानो या न मानो

Western vs India: OSHO (Q&A) hindi 


Courtesy:veerbahadur singh//YouTube

How and When Will the World End - Forgotten Futures (Full Documentary)



Courtesy:EducationDocumentary//YouTube

एलोवेरा का इस्तेमाल और इसके फायदे

हरियाली के साथ साथ स्वस्थ्य और सुंदरता 
जिस्म की मज़बूती, पेट का हाज़मा और चेहरे की सुंदरता---बहुत सी समस्याएं हल हो जाती हैं केवल एक एलोवेरा से। घर में लगाना भी आसान और देखभाल के लिए बहुत ही काम मेहनत।  फायदा हज़ारों लाखों रूपये का क्यूंकि किसी एक समस्या के लिए भी बाज़ार जाना पड़े तो जेब काफी ढीली ओ जाती है। चेहरेपर उठ आए कील-मुहांसे या फिर आँखों के नीचे काले दायरे--इन सभी को दूर करती है एलोवेरा।चेहरे पर अधिक तेल आता है या गर्द कुछ ज़्यादा ही जैम जाती है तो भी काम आएगी एलोवेरा। पेट का हाज़मा खराब हुआ तो समझो जिस्म की गड़बड़ियां शुरू। उस हाज़मे को भी दरुस्त करती है एलोवेरा।  आप इस्तेमाल करके तो देखिये।  इसके सभी फायदे आप इस वीडियो से अच्छी तरह जान सकते हैं। 

Courtesy:mdhilhindi//YouTube

प्याज़ के फायदे// Benefits of Onion//Pinky Madaan



Courtesy: Ts Madaan//YouTube

आदतें बदलें ! कौन सी ? क्यों ? कैसे ?

Change Habits ! which ? why ? how ?


Courtesy: Ts Madaan//YouTube
Published on Sep 29, 2013
आदतें बदलें ! कौन सी ? क्यों ? कैसे ? Change habits, which, why and how is a training program for success. Why we change our habits and which habits should be changed and how those habits can be changed? This motivational inspirational Success video in Hindi, mainly covers seven bad habits viz. nail biting, lip picking, playing with hair, bad studying habits, bad eating habits, smoking and drugs. This video training course also explains how other bad habits can also be managed.

Changing habits is required to succeed because where ever you are today is because of your habits and if you want to change the destination, you need to change the habits.

Motivation puts you into first gear and habits change your gear to 2nd, 3rd, 4th, 5t and
ultimately auto mode. Today where ever you are only because of your habits. If having good health because of habit of early rising, work outs, excercise etc.
and if having bad health, that too because of your habits of late rising, not walking and not excercising. If you know your goal and know the ways to your goal and
your habits are helping you to achieve those goal then do not attempt to change the habits. If your habits are hurdles in your way to success then surely change
them. I wil discuss seven habits in this video which are obstacle to your health viz.

1. Nail biting
2. Picking lips
3. Playing with hair
4. bad eating Habits
5. not Studying habits
6. Drugs
7. Smoking

I will also discuss something in general so that you can get rid of other bad habits. Experts believe that you need to replace the old bad habits with new good habits.
Do not think of leaving old habits instead think of adopting new habits then plan and execute to apply in your life. I have often discussed about visualisation
in many videos. You get only what you visualise, you dream of, likewise visualise of new good habits, how will you feel after you get those habits and after you
leave those bad habits, what will be the impact on your life, your image, your self confidence etc.

Do you feel small by your tiny bad habits? Do your self confidence lowers due to your bad habits?

First of all let me explain something generalised. Try to replace one habit at one time. Your mind will convince you to postpone it to tomorrow but do not surrender
because this part of the brain is very lazy and will not let you succeed. Think of people who put you in the bad habits, think of place where you go into bad habits,
think of time etc. manage all those persons, places, times, objects, one by one. Reward yourself everytime you get a new habit, a good habit. And the reward goes to
T S Madaan for adopting a new habit.

If we talk of nail biting, or lip picking habit or playing with hair or smoking or drug or bad eating habits or habit of not studying, change the place, the time,
the arrangement of furniture, the wall painting, direction of television, bed sheet etc. Suppose you smoke on a chair, change it etc.

WARNING: mix your intelligence with my instructions while following them.

Respect the persons who insist you to leave the bad habits. He or she must be your well wisher and will give you more ideas to leave the bad habits, knowingly
or unknowingly. I wanted to give a smile while driving, so I fixed a smiley on my rear mirror and also I use such smileies in my home. So the T S madaan converted
into T S Madaan, means thoda smile to total smile. Like wise I developed the habit of appreciation. Suppose you take bed tea in the morning and want to leave it,
replace this habit with warm lime water.

Suggetsion: If still you feel your old habits are not being left then close your eyes, sit silently and think of the loss namely physical, social, mental, FINANCIAL,
emotional and spiritual. Write all this on a piece of paper and paste on the wall in front of you.

Advise: Consult a doctor or psychologist or psychiatrist in case you are facing difficulties in leaving old bad habits.

This training video is being dedicated to Dale Carnegie, Stephen Covey, Brain Tracy, Jack Canfield, Zig Ziglar, Sandeep Maheshwary, Rajesh Antil, Himeesh Madaan and Rajesh Agarwal. I am thankful to Vinod Choudhary of Crossing republic, Ghaziabad, who suggested me to make this video.

You can invite me for my powerful, effective and unique inhouse motivational seminar in your next conference convention seminar or any such event. For details and quotation, visit my website www tsmadaan dot in

May all of you get more Success and more Happiness

तरविंदर सिंह मदान
मोटीवेश्नल स्पीकर एवं लाइफ कोच
T S Madaan @ Tarvinder Singh Madan
Motivational Speaker & Life Coach

स्वर विज्ञानं:सूर्य और चन्द्र स्वर

श्वास विज्ञानं पर बहुत ही गहरा ज्ञान  

Courtesy:anandmurtigurumaa//YouTube

विज्ञानं भैरव तंत्र पर श्रीश्री गुरु मां के हिंदी सतसंग प्रवचन

मन  के विज्ञानं पर बहुत ही सादगी से कही गयी गहरी बातें 

Courtesy: anandmurtigurumaa//YouTube

Rama Setu - An Engineering Marvel of 5076 BCE (Hindi)



Courtesy:Bharath Gyan//YouTube

Rama Setu - An Engineering Marvel of 5076 BCE



Courtesy: Bharath Gyan//YouTube

Real Proof Of Ramayana Original Photos, Evidance



Courtesy:Swaroop Sai//YouTube

Secret Underground City of Ellora Caves-Ancient Aliens In India?



Courtesy:Phenomenal Travel Videos//YouTube

Published on Jul 9, 2014
We are at Ellora caves in India, and I am going to show you some solid evidence about a secret underground area that is hidden under these caves. As you can see, there is a rectangular tunnel about 1 foot wide that is vertically going down, and is not open for public access. I asked the security guards if I could take a closer look and they told me that visitors are not allowed but they also told me that, this tunnel is over 40 feet deep and then it takes a right angle turn to proceed underground. Nobody knows what's inside after that because the tunnel becomes too narrow for human beings to get through it.
Here is another one that is hiding in plain sight. You can see a channel on the ground and there is a small rectangular opening at the end of this passage that would drain the water to the other side of the temple. But, I went to the other side of this rock but guess what? It is a solid stone!! So, there is no other way, except that this rectangular opening leads to the underground. Notice that the rectangular opening is only large enough for a 10 year old to go in? Since adult human beings can't access it, was it designed for human beings at all?

This is another hidden passage in Ellora caves that I tried to get through, but after 10 feet, it becomes so narrow that I can't go any further. Where do these mysterious tunnels lead? Who could have used such narrow passages? The other important question is: how can you carve such narrow passages if human beings cannot even get through them? Was it carved by humans at all? Were these carved for extraterrestrials that are smaller than human beings?

Notice how this entrance is clearly going underground, in this cave temple. These are underground areas hiding in plain sight. The security guards told me that there are several underground tunnels in Ellora caves which gradually become too narrow for human beings to access them, and all of them are locked. From these old doors, we can assume that these tunnels have been closed from public access at least 30 to 40 years ago.

These underground tunnels are not found in the same area, but are scattered over many different caves in Ellora, which stretches across a few miles. Is it possible that there could be a vast underground city like Derinkuyu in Turkey? Derinkuyu is an enormous underground city with advanced technical features that could accommodate more than 20,000 people, which was hidden for centuries only to be discovered in 1965.

If it is true that there is a vast underground city in Ellora, shouldn't there be ventilation shafts that would allow air from the ground to reach below. In Derinkuyu, there are thousands of holes drilled from the ground that act as ventilation shafts to the underground city. Look at this long ventilation shaft in Ellora caves that is drilled secretly in a dark chamber. It is about 4 inches wide, but it is so deep that we can't even see the other end. Could this be a ventilation shaft that reaches the underground city?

How about this ventilation shaft, which is also going underground? You can also see hundreds of holes like this drilled on the rock floor. Some of them are unfinished, and only few inches deep, but notice how the other holes have been closed with concrete recently. I asked why some of these holes have been closed and my tour guide told me that someone dropped their car keys into one of them, but these holes are so deep that they couldn't retrieve it. So, they just covered these holes by putting concrete over them.

What else could be the purpose of these deep holes on the floor, if they are not ventilation shafts? Why would hundreds of holes be drilled on these rock floors with painstaking efforts without any reason? Now, this is one of the abandoned, bat infested places and let's take a look at what's inside. This seems like a very old sanctum holding a lingam, which is a Hindu god. Centuries ago, plenty of water would be poured on this lingam everyday as part of religious worship, and it would drain through this channel. Notice that this water drain has been closed recently with some rocks. Where would the water go? Let's see...It would go vertically down through this tunnel.

Unless there is an area underground, this would be pointless because the water would just overflow all over the place! All over Ellora caves, there are hundreds of idols which would require thousands of gallons of water poured on them every day. Was this a technique to get clean water underground that could be used for different purposes?
Please visit http://www.phenomenalplace.com for intriguing and interesting places on the planet.

Saturday, December 6, 2014

End of the Earth and new Life on Mars


Courtesy:Sish Advexon//YouTube
Published on May 7, 2014
Feel free to subscribe our Biography Channel in ( HD https://www.youtube.com/user/truebiog... )
Biggest Mysteries of Mars
End of the earth and new Life on Mars
http://www.advexon.com
Mars was known as the "fire star" to ancient Chinese astronomers, and scientists are still burning with questions regarding the Red Planet. Even after dozens of spacecraft have been sent to Mars, much remains unknown about that world. Here are some of the biggest unsolved mysteries we have about Mars.
Why does Mars have two faces?
Scientists have been puzzling over the differences between the two sides of Mars for decades. The northern hemisphere of the planet is smooth and low — it is among the flattest, smoothest places in the solar system, potentially created by water that once flowed across the Martian surface.
Meanwhile, the southern half of the Martian surface is rough and heavily cratered, and about 2.5 miles to 5 miles (4 km to 8 km) higher in elevation than the northern basin. Recent evidence suggests the vast disparity seen between the northern and southern halves of the planet was caused by a giant space rock smacking into Mars long ago.

Still, there are ways to produce methane without life, such as volcanic activity. ESA's ExoMars spacecraft planned for launch in 2016 will study the chemical composition of Mars' atmosphere to learn more about this methane.
Does liquid water run on the surface of Mars now?
Although large amounts of evidence suggest that liquid water once ran on the surface of Mars, it remains an open question as to whether or not it occasionally flows on the face of the Red Planet now. The planet's atmospheric pressure is too low, at about 1/100th of Earth's, for liquid water to last on the surface. However, dark, narrow lines seen on Martian slopes hint that saltwater could be running down them every spring.
Were there oceans on Mars?
Numerous missions to Mars have revealed a host of features on the Red Planet that suggest it was once warm enough for liquid water to run across its surface. These features include what appear to be vast oceans, valley networks, river deltas and minerals that required water to form.
Nevertheless, astronauts seem eager to find out. For example, this year six volunteers lived in a pretend spacecraft for nearly a year and a half in the so-called Mars500 project, the longest spaceflight simulation ever conducted, aimed at replicating a manned mission to Mars from beginning to end. There are even numerous volunteers for a one-way trip to the Red Planet. Tiny rock-eating microbes could mine precious extraterrestrial resources from Mars and pave the way for the first human colonists, and farmers could grow crops on its surface. The mystery as to whether or not humans will ever go to Mars may rest largely on whether or not the powers-that-be can be convinced to go there.

REAL LIFE ON MARS AND ON THE MOON FOUND 2014!!!! ENTIRE CITIES FOUND!!!!

 ON THE MOON FOUND 2014!!!! ENTIRE CITIES FOUND!!!!



Courtesy: Alien Federation//YouTube

ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਗੁਰਮੰਤਰ ਸਿਮਰਣ

GurMantar-Relaxing Soothing Chill Out Meditation Mantra

Courtesy:RajKaregaKhalsanet//YouTube

Taati wao Na Lagaee



Courtesy:rattandeep singh//YouTube

ਮਨ ਕਿਉ ਬੈਰਾਗੁ ਕਰਹਿਗਾ ਸਤਿਗੁਰੁ ਮੇਰਾ ਪੂਰਾ ॥



Courtesy:NITNEM PATH GURBANI KIRTAN//YouTube

Uploaded on Jul 29, 2009
man kyon bairaag karega satgur mera poora SIKH GURBANI SHABAD KIRTAN BY BHAI RAVINDER SINGH JI HAZOORI RAGI SRI DARBAR SAHIB AMRITSAR ANG 375 SGGS JI
searchgurbani DOT com/sri_guru_granth_darpan/page/1437
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Raag Asa Guru Arjan Dev Ji
ਆਸਾ ਮਹਲਾ ੫ ॥ आसा महला ५ ॥ Aasaa, Fifth Mehl:
ਪ੍ਰਭੁ ਹੋਇ ਕ੍ਰਿਪਾਲੁ ਤ ਇਹੁ ਮਨੁ ਲਾਈ ॥ प्रभु होइ क्रिपालु त इहु मनु लाई ॥
When God shows His Mercy, then this mind is focused on Him.
ਸਤਿਗੁਰੁ ਸੇਵਿ ਸਭੈ ਫਲ ਪਾਈ ॥੧॥ सतिगुरु सेवि सभै फल पाई ॥१॥
Serving the True Guru, all rewards are obtained. ||1||
ਮਨ ਕਿਉ ਬੈਰਾਗੁ ਕਰਹਿਗਾ ਸਤਿਗੁਰੁ ਮੇਰਾ ਪੂਰਾ ॥ मन किउ बैरागु करहिगा सतिगुरु मेरा पूरा ॥
O my mind, why are you so sad? My True Guru is Perfect.
ਮਨਸਾ ਕਾ ਦਾਤਾ ਸਭ ਸੁਖ ਨਿਧਾਨੁ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਸਰਿ ਸਦ ਹੀ ਭਰਪੂਰਾ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥ मनसा का दाता सभ सुख निधानु अम्रित सरि सद ही भरपूरा ॥१॥ रहाउ ॥
He is the Giver of blessings, the treasure of all comforts; His Ambrosial Pool of Nectar is always overflowing. ||1||Pause||
ਚਰਣ ਕਮਲ ਰਿਦ ਅੰਤਰਿ ਧਾਰੇ ॥ चरण कमल रिद अंतरि धारे ॥
One who enshrines His Lotus Feet within the heart,
ਪ੍ਰਗਟੀ ਜੋਤਿ ਮਿਲੇ ਰਾਮ ਪਿਆਰੇ ॥੨॥ प्रगटी जोति मिले राम पिआरे ॥२॥
meets the Beloved Lord; the Divine Light is revealed to him. ||2||
ਪੰਚ ਸਖੀ ਮਿਲਿ ਮੰਗਲੁ ਗਾਇਆ ॥ पंच सखी मिलि मंगलु गाइआ ॥
The five companions have met together to sing the songs of joy.
ਅਨਹਦ ਬਾਣੀ ਨਾਦੁ ਵਜਾਇਆ ॥੩॥ अनहद बाणी नादु वजाइआ ॥३॥
The unstruck melody, the sound current of the Naad, vibrates and resounds. ||3||
ਗੁਰੁ ਨਾਨਕੁ ਤੁਠਾ ਮਿਲਿਆ ਹਰਿ ਰਾਇ ॥ गुरु नानकु तुठा मिलिआ हरि राइ ॥
O Nanak, when the Guru is totally pleased, one meets the Lord, the King.
ਸੁਖਿ ਰੈਣਿ ਵਿਹਾਣੀ ਸਹਜਿ ਸੁਭਾਇ ॥੪॥੧੭॥ सुखि रैणि विहाणी सहजि सुभाइ ॥४॥१७॥
Then, the night of one's life passes in peace and natural ease. ||4||17||
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Aasaa Mehalaa 5 ||
Prabh Hoe Kirapaal Th Eihu Man Laaee ||
Sathigur Saev Sabhai Fal Paaee ||1||
Man Kio Bairaag Karehigaa Sathigur Maeraa Pooraa ||
Manasaa Kaa Dhaathaa Sabh Sukh Nidhhaan Anmrith Sar Sadh Hee Bharapooraa ||1|| Rehaao ||
Charan Kamal Ridh Anthar Dhhaarae ||
Pragattee Joth Milae Raam Piaarae ||2||
Panch Sakhee Mil Mangal Gaaeiaa ||
Anehadh Baanee Naadh Vajaaeiaa ||3||
Gur Naanak Thuthaa Miliaa Har Raae ||
Sukh Rain Vihaanee Sehaj Subhaae ||4||17||
"Raag Asa Guru Arjan Dev Ji"
"GURU ARJAN DEV JI SHABAD"

PM Shri Narendra Modi's speech at Manipur Sangai Festival



Courtesy:Ministry of Information & Broadcasting//YouTube

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